दर पे तुम्हारे सांवरे सर को झुका दिया

by - January 18, 2020


दर पे तुम्हारे सांवरे सर को झुका दिया
मैंने तुम्हारी याद में खुद को मिटा दिया
दर पे तुम्हारे सांवरे सर को झुका दिया

ओ सांवरे ओ सांवरे तिरछी तेरी नजर
घायल कर गई है मेरा फूलों सा जिगर
मुरली की तेरी तान ने पागल बना दिया
दर पे तुम्हारे सांवरे सर को झुका दिया

तुम देखो या ना देखो मेरे नसीब को
पर रहने दो मुझको सदा अपने करीब तो
है बार- बार मैंने तुमको भुला दिया
दर पे तुम्हारे सांवरे सर को झुका दिया

मैं क्या बताऊं तुमको क्या खारहा है गम
बेकार हो ना जाए कहीं मेरा यह जनम
मुझ पर हंसेगी दुनिया यूं ही गवा दिया
दर पे तुम्हारे सांवरे सर को झुका दिया

दिल में लग रही है विरह की आग यह
एक दिन बुझेगी तुमको पाने के बाद यह
होगी सफल साधना जो तुमको पा लिया
दर पे तुम्हारे सामने सर को झुका दिया


You May Also Like

0 comments

Contact Form

Name

Email *

Message *