कलियों में राम मेरा किरणों में राम है
कलियों में राम मेरा किरणों में राम है
धरती और गगन में मेरे प्रभु का धाम है
कलियों में राम मेरा किरणों में राम है
प्रभु ही की धूप छाया प्रभु की ही चांदनी
लहरों की वीणा में है प्रभुजी की रागिनी
कहां नहीं लिखा है मेरे रघुवर का नाम
कलियों में राम मेरा किरणों में राम है
वहीं फूल फल में है वही पात पात में
रहता है राम मेरा सबही के साथ में
मेरा रोम रोम जिसको करता प्रणाम है
कलियों में राम मेरा किरणों में राम है
वह चाहे तो चाल पवन की रुक जाए
वह चाहे तो भूले को राह मिल जाए
उसकी दया से ही बनता सब काम है
कलियों में राम मेरा किरणों में राम है
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