मेरे प्यारे रसिया मन बसिया
मेरे प्यारे रसिया मन बसिया
मेरे प्यारे माखनचोर रसिया
मेरे प्यारे रसिया मन बसिया
मीरा जैसी प्रीत नहीं है
प्रीति की आती रीत नहीं है
फिर कैसे सर को झुकाऊ रसिया
मेरे प्यारे रसिया मन बसिया
शबरी जैसी भक्ति नहीं है
मन में मेरे वह शक्ति नहीं है
फिर कैसे बेर खिलाऊ रसिया
मेरे प्यारे रसिया मन बसिया
धन्ना जैसा प्यार नहीं है
प्यार में मेरे सार नहीं है
फिर कैसे मैं भोग लगाऊ रसिया
मेरे प्यारे रसिया मन बसिया
अर्जुन जैसा ज्ञान नहीं है
चरणों में लगन ध्यान नहीं है
फिर कैसे रथ वान बनाऊं रसिया
मेरे प्यारे रसिया मन बसिया
नरसी जैसा प्यार नहीं है
जब तप संयम नेम नहीं है
फिर कैसे हुंडी लिखाऊ रसिया
मेरे प्यारे माखन चोर रसिया
मेरे प्यारे रसिया मन बसिया
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