इनकी निराली आन करते हैं बाबा कल्याण
गले में सर्पों की माला तनमें बाघमवर छाला
देर्वो में देव महान बैठे लगाकर बाबा ध्यान
डम डम डमरु बाजे हाथों में त्रिशूल साजे
पीए भोला भंग तान करते जग का कल्याण
गले में सर्पों की माला तनमें बाघमबर छाला
प्राणी जो जग से हारे आते हैं इनके द्वारे
मिलता है पावन दर्शन होते हैं बारे न्यारे
बमबम की गूंज होती लगते बम के जयकारे
सृष्टि के मालिक हैं ये भक्तों के पालक है ये
सबसे ऊंची इनकी शान करते है कल्याण
गंगाजल कर अर्पण पाता जो शिव का दर्शन
बिगड़ी किस्मत बनजाती करते कृपाभगवन
जो इनको ध्याता खुशियों से भरता जीवन
अद्भुत है बेष इनका जाने ये भेद दिल का
इनकी निराली आन करते हैं बाबा कल्याण
श्रद्धा पुष्प चढ़ाकर भावों का दीप जला कर
इनको खुश करलो भक्तों सेवा डोर बढ़ा कर
बन जाओ चाकर इनकी ही लगन लगा कर
बाबा हे डमरुधारी कहते इनको त्रिपुरारी
भक्तों पर मेहरबान करते सबका कल्याण
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