जहां सत्संग होताहै वहां पर नित्य जाओ तुम
जहां सत्संग होताहै वहां पर नित्य जाओ तुम
हमें फुर्सत नहीं कहकर मौका मत गंवाओ तुम
जहां सत्संग होताहै वहां पर नित्य जाओ तुम
सत्संग करने की ना कोई उमर होती है
अमर है दीप इसकी कभी न बुझती ज्योति है
इसी ज्योति से जीवनकी ज्योति जलाओ तुम
जहां सत्संग होता है वहांपर नित्य जाओ तुम
अनुभव करके तो देखो क्या बदलाव आता है
कपट सब दूर होताहै हिरदे निर्मल हो जाताहै
इन्हीं सत्संगियों के संग जीवन बिताओ तुम
जहां सत्संग होता है वहांपर नित्य जाओ तुम
करके एकाग्र मन तुम जाकर सत्संग सुनना
होके तल्लीन भावों के सुनहरे फूलों को चुनना
इसी सत्संग सागरमें सदा डुबकी लगाओ तुम
जहां सत्संग होता है वहांपर नित्य जाओ तुम
चढे एकबार फिर उतरे नहीं सत्संग का ये रंग
बिनाप्रभु कृपा नहीं मिलता सत्संगियोंका संग
गुरुसंतों की सेवाकर सदा सानिध्य पाओ तुम
जहां सत्संग होता है वहां पर नित्य जाओ तुम
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