यमुना पे ठाडो ठाडो मुस्कुरावे कन्हैया प्यारो मुरली बजावे
यमुना पे ठाडो ठाडो मुस्कुरावे
कन्हैया प्यारो मुरली बजावे
यमुना पे ठाडो ठाडो मुस्कुरावे
बैठ कदम पे सखी जमुना किनारे
बेर बेर बांसुरी में नाम पुकारे
करके इशारे बुलावे -- बुलावे
कन्हैया प्यारो मुरली बजावे.....
मुरली की धुन सुनके है गई दीवानी
कैसी होवे लाज मैंने नहीं जानी
नैनन कू लाज नहीं आवे नहीं आवे
कन्हैया प्यारो मुरली बजावे....
बिरहा की मारी मोहे कल न पड़त है
बांसुरिया श्याम तेरी घायल करतहै
अखियां की नींद उड़ जावे उड़ जावे
कन्हैया प्यारो मुरली बजावे ....
भावे मुकुट जाके कर में मुरलिया
घुंघराली लट जाकी कारी कमरिया
गोविंद को रूप मन भावे मन भावे
यमुना पे ठाडो ठाडो वो मुस्कुरावे
कन्हैया प्यारो मुरली बजावे....
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