आया हूं आज भोले मैं तेरे द्वार
आया हूं आज भोले मैं तेरे द्वार
मुझको भी करदे भव से तू पार
आया हूं आज भोले मैं तेरे द्वार
सुन अरज मेरी शिवशंकर मेरे त्रिपुरारी
भक्ति भरदे मुझ में आया शरण तुम्हारी
तू ही मेरा स्वामी है मन मे ठानी है
मेरे भोले बाबा तू जग का अंतर्यामी है
आया हूं आज भोले मैं तेरे द्वार
प्यासा पपीहा बस शिवजी नाम पुकारे
करता ये जीवन चरणो में अर्पण तुम्हारे
मुझ पर भी करदे दया सबकी तू माने है
मेरे भोले बाबा तू जग का अंतर्यामी है
आया हूं आज भोले मैं तेरे द्वार
खाली झोली लेकर मैं तेरे द्वार पे आया
मुझपे करदे दोनों हाथोंसे कृपाकी छाया
महिमा तेरी शिवशंभू जग ने बखानी है
मेरे भोले बाबा तू जग का अंतर्यामी है
आया हूं आज भोले मैं तेरे द्वार
मुझको भी कर दे भव से तू पार
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