तू काया पर करता बंदे झूठा गुमान है
तू काया पर करता बंदे झूठा गुमान है
चार दिन की चांदनी फिर अंधेरा सुनसान है
तू काया पर करता बंदे झूठा गुमान है
सदा नहीं रहनी ये तेरी ऐसी जवानी
खत्म हो जाएगी एक दिन सारी कहानी
कुछदिन का रैन बसेरा ना हाथ में कमान है
तू काया पर करता बंदे झूठा गुमान है
जिंदगी का मूरख तेरा झूठा है सपना
सब कुछ पराया यहां कोई ना अपना
जवानी पर नाज़ करता यह भूल इंसान है
तू काया पर करता बंदे झूठा गुमान है
मिट्टी से पैदाहुआ मिट्टी में ही मिलजाना
सोना सा शरीर तेरा अग्नि में जल जाना
धरती मां की गोदी में मिल जाता जहान है
तू काया पर करता बंदे झूठा गुमान है
मोह माया छोड़ बंदे करले भजन हरि का
पांच तत्व का चोला जिसे मानता तू घर का
मूरख क्यों जानबूझकर बनरहा अनजान है
तू काया पर करता बंदे झूठा गुमान है
चारदिन की चांदनी फिर अंधेरा सुनसान है
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