मनको की यह माला नहीं मेरे काम की

by - January 18, 2020

मनको की यह माला नहीं मेरे काम की
इसमें कहीं भी सूरत नहीं मेरे राम की
मनको की यह माला नहीं मेरे काम की

मैं हूं राम का दीवाना जाने ये सब जमाना
करने को सेवा प्रभु की सांसें मुझे मिली
मनको की यह माला नहीं मेरे काम की
इसमें कहीं भी सूरत नहीं मेरे राम की

जाकर बजादूं डंका पल में जला दूं लंका
सियाराम बसते मन में रोमरोम तन मन में
मनको की यह माला नहीं मेर काम की
इसमें कहीं भी सूरत नहीं मेरे राम की

फिर मुख ना कोई खोले श्रीराम उठ बोले
भक्त हनुमान का श्रीराम ने किया सम्मान
मनको की यह माला नहीं मेरे काम की
इसमें कहीं भी सूरत नहीं मेरे राम की


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