पार्वती बोली भोले से ऐसा महल बना देना

by - January 18, 2020

पार्वती बोली भोले से ऐसा महल बना देना
जोभी देखे तोबोले क्याकहना भई क्याकहना
पार्वती बोली भोले से ऐसा महल बना देना

जिसदिन से मैं ब्याहके आई भाग्य हमारे फूटे
पीसत पीसत भंगिया तेरी हाथ हमारे टूटे
मेरी भी सुनलो भोले अब पर्वत पर ना रहना
जोभी देखें तोबोले क्याकहना भई क्याकहना

पार्वती से बोले भोले तेरे मन में धीर नहीं
ऊंचे महलों में रहना यह अपनी तकदीर नहीं
करूं तपस्या पर्वत पर महलों का क्याकरना
जोभी देखें तोबोले क्याकहना भई क्याकहना

सोना चांदी हीरे मोती चमक रहे हो चम चम
दास- दासिया भरे हाजिरी सेवा मैं हरदम
बिनाइजाजत कोई न आवे पहरेदार बिठादेना
जोभी देखे तोबोले क्याकहना भई क्याकहना

पार्वती की जिद के आगे भोले बाबा हार गए
सुंदर महल बनाने को विश्वकर्मा तैयार हुए
पार्वती लक्ष्मी से बोली गृह प्रवेश में आ जाना
जोभी देखें तोबोले क्याकहना भई क्याकहना

गृह प्रवेश की खातिर पंडित को बुलवाया था
विश्रवा बड़ा ही ज्ञानी ग्रह प्रवेश करवाया था
सुंदर महल बना सोने का इसे दान में दे देना
जोभी देखें तोबोले क्याकहना भई क्याकहना

जिसकी जो तकदीर में है उतना ही मिलता है
मालिक की मर्जी के बिना पत्ता नहीं हिलता है
तू भजन किए जा प्यारे दुनिया से क्या लेना
जोभी देखे तोबोले क्याकहना भई क्याकहना


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