गौरी नंदन तुम्हारा क्या कहना
ध्यान गणपति का जो लगाते
मनवांछित फल वो है पाते
है ये दीन दयालू बड़े कृपालू
गौरी नंदन तुम्हारा क्या कहना
तुम देवों में देव बड़े प्यारे
सारे जग के हो तुम रखवारे
तेरी महिमा न्यारी तूही चंद्र धारे
भोलेनाथ के दुलारे क्या कहना
रिद्धि सिद्धि तुम्हारे संग सोहै
मूसक संग सवारी मन मोहे
सदा गाए गजानन तेरी वंदना
गौरी नंदन तुम्हारा क्या कहना.
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