मैंने तेरा सजाया दरबार मां
मैंने तेरा सजाया दरबार मां
आजा आजा बस एक बार मां
मैंने तेरा सजाया दरबार मां
मंदिर में बाजे घंटा चौरासी
जगमग जले है ज्योति चौरासी
दररशन को दिल बेकरार मां
होगा ना अब और इंतजार मां
आजा आजा बस एक बार मां
पूजा की थाली लेके हाथों में
दर्शन को आई मै नौरातों में
फूलों का लाई तुमको हार मां
कलियां लगाई गुच्छेदार मा
आजा आजा बस एक बार मां
लाई मैं गोटेदार चुनरिया
लेकर संग आजा लांगुरिया
मेरी भी सुन ले पुकार मां
आई हूं मैं पहली बार मां
आजा आजा बस एक बार मां
कहां लगाई तूने देरी मां
जल्दी लगा जा यहां फेरी मां
होकर सिंह पर सवार मां
आ जाओ मेरे इस दरबार मां
आजा आजा बस एक बार मां
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