संसार के लोगों से आशा न किया करना
संसार के लोगों से आशा न किया करना
जब कोई न हो अपना सियाराम कहा करना
संसार के लोगों से आशा न किया करना
जीवन के समंदर में तूफ़ान भी आते हैं
जो उनको भजते हैं प्रभु आप बचाते हैं
वे आप ही आएंगे तुम याद किया करना
जबकोई न हो अपना सियाराम कहा करना
मत भूल अरे बंदे यह देश बेगाना है
इस दुनिया में आकर के वापस भी जाना है
माया के चक्कर से दिन-रात बचा करना
जबकोई न हो अपना सियाराम कहा करना
यह सोच अरे बंदे प्रभु तुमसे दूर नहीं
जब कष्ट हो भक्तों पर प्रभु को मंजूर नहीं
हम हैं तेरी शरण में हे नाथ दया करना
संसार के लोगों से आशा न किया करना
जबकोई न हो अपना सियाराम कहाकरना
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