किशोरी के चरनन की महिमा कोई गा न पावे

by - January 18, 2020

किशोरी के चरनन की महिमा कोई गा न पावे
इनके चरनन की धूल कोई किस्मत वाला पावे
किशोरी के चरनन की महिमा कोई गा न पावे

मुझे मिलगए चारोंधाम किशोरी तेरे चरणन में
चरननमें शुभ चरननमें चरनन मे शुभ चरनन मे
मुझे मिलगए चारों धाम किशोरी तेरे चरनन में
मेरीबीते सुबहऔर शाम किशोरी तेरे चरनन में

लख लख बारी शीश नवाऊ बलिहारी जाऊं
कर कोटि-कोटि प्रणाम किशोरी तेरे चरनन में
मुझे मिलगए चारों धाम किशोरी तेरे चरनन में
मेरीबीते सुबहऔरशाम किशोरी तेरे चरनन मे

चरननकी महिमाभारी चरणदबाए बांकेबिहारी
मेरा ध्यानहो आठोंयाम किशोरी तेरे चरनन में
मुझे मिलगए चारों धाम किशोरी तेरे चरनन में
मेरी बीते सुबहऔरशाम किशोरी तेरे चरनन में

पलपल भवन बुहारु अशुवन से चरण पखारु
करूं सेवा में निष्काम किशोरी तेरे चरनन में
मुझे मिलगए चारों धाम किशोरी तेरे चरनन में
मेरीबीते सुबहऔरशाम किशोरी तेरे चरनन में

धाम छोड़ कहीं न जाऊं उम्र चरणो में बिताऊं
जीवन का हो विश्राम किशोरी तेरे चरनन में
मुझे मिलगए चारों धाम किशोरी तेरे चरनन में
मेरीबीते सुबहऔरशाम किशोरी तेरे चरनन में

बरसानेमें बसालो मुझको अपना दास बनालो
मेरे बन जाए सब काम किशोरी तेरे चरनन में
मुझे मिल गए चारोंधाम किशोरी तेरे चरनन में
मेरीबीते सुबहऔरशाम किशोरी तेरे चरनन में


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