महादेव शंकर है जग से निराले
महादेव शंकर है जग से निराले
बड़े सीधे साधे बड़े भोले भाले
मेरे मन मंदिर में रहते हैं शिवजी
मेरे नयन हैं उन्हीं के शिवाले
महादेव शंकर है जग से निराले
बनालो उन्हें अपने जीवन की आशा
सदा दूर तुमसे रहेगी निराशा
बिना मांगे वरदान तुमको मिलेगा
समझते हैं वे हरएक मन की भाषा
वह उनके हैं जो उनको अपना बनाले
महादेव शंकर है जग से निराले
जिधर देखो शिव की महिमा निराली
वे दाता है और सारी दुनिया सवाली
जो इस द्वार पर विश्वास करले
तो पलभर में भरजाएगी झोली खाली
उन्हीं के अंधेरे हैं उन्हीं के उजाले
महादेव शंकर है जग से निराले
बड़े सीधे साधे बड़े भोले भाले
0 comments